
कोलकाता, सप्टेंबर 14: पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष ने अवैध मदरसों पर राज्य सरकार की कार्रवाई को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि मदरसों से जुड़े कई पहलुओं पर संदेह है. “आतंकवादी मदरसों में पनाह लेते हैं,” उन्होंने स्पष्ट किया.
दिलीप घोष ने पत्रकारों से कहा, “कोई भी गैर-कानूनी गतिविधि, चाहे वह मदरसा हो या रेस्टोरेंट, सरकार की मंजूरी के बिना नहीं चल सकती. सरकार हर चीज की जांच कर रही है और किसी भी गैर-अधिकृत संस्थान को बंद किया जाएगा.”
उन्होंने आगे कहा, “सिर्फ उन्हीं को काम करने की इजाजत होगी जिनके पास वैध अनुमति होगी. यह कोई नया मुद्दा नहीं है. पिछले 20 सालों से यह समस्या बनी हुई है. जो आतंकी हमले हुए हैं, उनमें कोई न कोई मदरसा का शिक्षक शामिल रहा है. आज भी ऐसे शिक्षक हैं.”
दिलीप घोष ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लागू करने की वकालत की. उन्होंने कहा, “यह देश की एकता और सुरक्षा के लिए जरूरी है. इसे पश्चिम बंगाल में भी लागू किया जाएगा.”
दिल्ली में आयोजित ‘ब्रिक्स’ शिखर सम्मेलन पर उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने एक ऊंचे स्तर पर सम्मेलन आयोजित किया. भारत की मेहमाननवाजी ने सभी का दिल जीत लिया.”
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विश्व में चल रहे युद्ध समाप्त होंगे और इंसानियत की जय-जयकार होगी. “लोगों की सुरक्षा और आर्थिक सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए,” उन्होंने कहा.