
लखनऊ, 25 जून: उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि आपातकाल भारत के इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय है. उन्होंने एनसीईआरटी की नई पाठ्यपुस्तकों में आपातकाल के समावेश का स्वागत किया. खन्ना ने कांग्रेस को संविधान का असली दुश्मन बताया.
सुरेश खन्ना ने बातचीत में कहा, “संविधान पर सबसे बड़ा हमला कांग्रेस पार्टी ने किया था. जब वह सत्ता में थी, तो उसने अपने निजी हितों के लिए इमरजेंसी लागू करके संविधान को नजरअंदाज किया. इससे पूरा देश एक जेल में बदल गया. लाखों लोग जेल में चले गए थे. 1977 में हुए चुनाव में कांग्रेस को 528 में से सिर्फ 153 सीटें मिलीं और जनता पार्टी को बहुमत मिला. कांग्रेस ने हमेशा व्यक्तिगत स्वार्थों के लिए संविधान की धज्जियां उड़ाईं. आपातकाल जैसी स्थिति दोबारा न आए, इसलिए जनता को याद दिलाना जरूरी है कि कांग्रेस ही संविधान की असली दुश्मन है.”
आपातकाल और वेदों को एनसीआरटी की नई किताबों में शामिल करने पर सुरेश खन्ना ने कहा, “अच्छी शिक्षा, जिस माध्यम से मिले, वह दी जानी चाहिए. नीति निर्माताओं ने मंथन करने के बाद ही दोनों विषयों को नई किताबों में शामिल करने का निर्णय लिया होगा.”
सुरेश खन्ना ने एक्स पर लिखा, “भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में संविधान हत्या दिवस (25 जून 1975) एक काला अध्याय था. उस तानाशाही के विरोध में लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाली हर आवाज को सादर नमन.”
भाजपा के ‘संविधान हत्या दिवस’ मनाने पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा, “कांग्रेस पार्टी को देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए. आजादी के बाद, कांग्रेस ने लोगों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन किया और अपने नेताओं की कुर्सी बचाने के लिए इमरजेंसी थोपी, जो लोकतंत्र के साथ धोखा था. आज इसकी 51वीं बरसी है और कांग्रेस पार्टी जहां भी सत्ता में है, वहां लोगों की अनदेखी कर रही है.”